Friday, August 30, 2019

बिस्कुट डूब जाता है

बिस्कुट डूब जाता है


वो थी
मैं था
और थी एक प्याला चाय
कड़क एकदम
उसकी तरह
और था बिस्कुट
नरम मेरी तरह
दोनों साथ-साथ
जाने क्यों बिस्कुट
चाय से पहले
हथियार डाल देता है
हो जाता है सरेंडर
दे जाता है चाय को
स्वाद और लज़्ज़त
ऐसा नहीं है
कि चाय में ज़ायका नहीं था
वो बेस्वाद थी
उसमें अपनी लज़्ज़त है
कड़क होने की
मगर बिस्कुट
डूबता है तो डूब जाता है।।

रवि शंकर सिंह
मंथन

Thursday, August 8, 2019

तेजस्वी मृत्यु


                 तेजस्वी मृत्यु 


लेटी हुई समर शैय्या पर

तुम वैसी ही हो

जैसे बाण शैय्या पर लेटे हों भीष्म

पर सब कुछ देखते समझते

न्याय पर प्रसन्न

और अन्याय से खिन्न

तुम भी तो लेटी हुई थी न

ऐसी ही शैय्या पर

इसी लिए नहीं लिया था न 

तुमने हिस्सा 

युद्ध के अंतिम चरण में

और अब क्योंकि विजयी हो

चल पड़ी हो नए सफर की ओर

नया तेज लिए ।


रवि शंकर सिंह

मंथन

नई पोस्ट

हिचकियाँ

शाख पर जब धूल गई, तो पत्तियाँ अच्छी लगी।। रात में जलती हुई सब, बत्तीयाँ अच्छी लगी।। जब  अचानक  रुक  गई,  ये  नाम  लेने  से तेरा  तबसे मुझको ...

सर्वाधिक खोजी गई पोस्ट