Thursday, August 8, 2019

तेजस्वी मृत्यु


                 तेजस्वी मृत्यु 


लेटी हुई समर शैय्या पर

तुम वैसी ही हो

जैसे बाण शैय्या पर लेटे हों भीष्म

पर सब कुछ देखते समझते

न्याय पर प्रसन्न

और अन्याय से खिन्न

तुम भी तो लेटी हुई थी न

ऐसी ही शैय्या पर

इसी लिए नहीं लिया था न 

तुमने हिस्सा 

युद्ध के अंतिम चरण में

और अब क्योंकि विजयी हो

चल पड़ी हो नए सफर की ओर

नया तेज लिए ।


रवि शंकर सिंह

मंथन

No comments:

Post a Comment

नई पोस्ट

हिचकियाँ

शाख पर जब धूल गई, तो पत्तियाँ अच्छी लगी।। रात में जलती हुई सब, बत्तीयाँ अच्छी लगी।। जब  अचानक  रुक  गई,  ये  नाम  लेने  से तेरा  तबसे मुझको ...

सर्वाधिक खोजी गई पोस्ट