Saturday, September 26, 2020

डूबा सूरज

 डूबा सूरज


सूरज निकला था आज

पूरब से,

रोज ही निकलता है

पर आज कुछ तपिश कम थी

कम था ताप

चमक

उजाला

पर सूरज तो निकला था

यही गनीमत है

वरना एक रोज

डूब गया था 

सूरज

भीतर ही भीतर

मेरे भीतर


रवि शंकर सिंह

' मंथन '

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