उसका योवन छलका-छलका आता है आकाशों से ।।
की जैसे कोई राग छेड़ता जाता है आकाशों से ।।
स्वपन सुंदरी बनी वो मेरे, रहती दिल के पास सदा,
ह्रदय मेरा सन्देश प्राप्त अब करता है आकाशों से ।।
म
दो घड़ी को ही तो आती है नींद बहलाने उस पर तेरा ख्याल जगा देता है हो गया है तुझसा ही ख़्याल तेरा भी न बैठे है मेरे पास दग़ा देता है ...
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