बिस्कुट डूब जाता है
वो थी
मैं था
और थी एक प्याला चाय
कड़क एकदम
उसकी तरह
और था बिस्कुट
नरम मेरी तरह
दोनों साथ-साथ
जाने क्यों बिस्कुट
चाय से पहले
हथियार डाल देता है
हो जाता है सरेंडर
दे जाता है चाय को
स्वाद और लज़्ज़त
ऐसा नहीं है
कि चाय में ज़ायका नहीं था
वो बेस्वाद थी
उसमें अपनी लज़्ज़त है
कड़क होने की
मगर बिस्कुट
डूबता है तो डूब जाता है।।
रवि शंकर सिंह
मंथन
👌👌🙏🙏
ReplyDeleteधन्यवाद मान्य
DeleteIsharon isharon mein dil lene wale bta ye hunar tune seekha kahan se
ReplyDeleteधन्यवाद मान्य
Deleteजो सीखा है आप ही से सीख है।
?????
Deleteये सही है
DeleteKya explanation h
ReplyDeleteधन्यवाद
Deleteवाह, सुंदर
ReplyDeleteधन्यवाद गुरु
DeleteBohot hi sunder Ravi
ReplyDeleteधन्यवाद
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