Sunday, November 17, 2019

बूढा सज़र

बूढा सज़र

बूढा सज़र एक देख कर

फिर याद उसकी आ गई

छोड़ आया था जिसे

एक रोज़ मैं पीछे कहीं

रवि शंकर सिंह
'मंथन'

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