Tuesday, December 24, 2019

रोशनी और रात

              रोशनी और रात


मैं उठा 

बिस्तर से

सूरज निकला था

छत पर

तारे 

नहीं थे

आकाश में

बत्ती जलाई

घर में 

उँजाला हो गया ।।



रवि शंकर सिंह

    'मंथन'

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